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श्री आदित्य विक्रम मेमोरियल व्यापार सहयोग केंद्र

समाज ने आज शिक्षा, उद्योग, व्यवसाय, राजनीति आदि क्षेत्र में उन्नति की है, लेकिन समाज म आर्थिक दृस्टि से कमजोर एवं सीमित आय वाले ऐसे अनेक परिवार है जिनका अर्थाभाव से जीवन यापन भी मुश्किल है जिससे यह वर्ग समाज क मुखय धारा से जुड ने में संकोच करता है। आज समाज में ऐसे अनेक परिवार है जो अपने बच्चो को उच्च शिक्षा देने की इच्छा रखते हुए भी आय की वजह से शिक्षा खर्च का वहन करने में असमर्थ है। आज समाज में ऐसे अनेक व्यक्ति है जिनमें व्यापारिक क्षमता एवं उद्यमशीलता है लेकिन प्राथमिक पूंजी के अभाव में वे चाहते हुए भी निजी व्यवसाय करने में असमर्थ असमथ है। ऐसी स्थिति में इन कमजोर बंधुओं को आर्थिक सहयोग देकर उन्हे आगे बढाने का दायित्व समाज का बन जाता है। इसी भावना को ध्यान मे रखते हुए अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के अन्तर्गत 23 वे सत्र के सभापति बन्शीलालजी राठी ने अपने कार्यकाल मे एक योजना बनाकर बिड़ला उद्योग समूह का सहकार्य लेकर समाज के जरुरतमंद बंधुओं को उनका व्यवसाय शुरु / विकसित करने हेतु अल्प सेवा शुल्क परा प्रारम्भिक पूंजी के रूप मे ऋण सहायता देकर स्वांवालम्बी बनाने के उद्दगय से योजना को शुरु करने का निर्णय लिया ।

स्व. श्री आदित्य बाबू बडला उदयोग क्षेत्र में युवा वर्ग के दिप स्तम्भ तथा उनका नाम उद्यमी युवक के लए पेरणास्पद रहेगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस योजना का नाम श्री आदित्य बिडला मेमोरियल व्यापार सहयोग केन्द्र रखा गया और "बहुजन हिताय :,बहुजन सुखाय :" कि भावना को ध्यान में रखते हुए चेन्नईमेंस १९९९ मे इसे सोसायटी एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत किया गया ।

इस योजना का शुभारंभ 15 अगस्त 1999 को चैन्नई मे श्रीमती राजश्रीजी बिड़ला के शुभहस्ते किया गया। शुभारंभ समारोह मे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश माननीय श्री आर.सी. लाहोटी एवं महाराष्ट्र सरकार के भूतपूर्व राज्यपाल एवं केंद्र सरकार के भूतपूर्व मंत्री माननीय श्री सी. सुब्रमण्यम जी विशेष अतिथि के अलावा समाज के गणमान्य बंधु एवं देश के विभिन्न प्रदेश के सामाजिक कार्यकर्ता बंधु एवं बहने उपस्थित थे। योजनाकी उपयुक्ता को ध्यान मे रखते हुए समाज से इस योजना से बहुत बडा सहयोग मिला है।

अध्यक्ष, कार्याध्याक्ष , मंत्री, कोषाध्यक्ष एवं सयुंक्तमंत्री का निवार्चन प्रबन्धकारिणी समिती करती है । प्रबन्धकारिणी समिती तथा पदाधीकारीयों का कार्यालय तीन वर्ष का होता है ।

आर्थिक दुष्टी से कमजोर बांन्धुओं को व्यवसाय शुरु/विकसीत करणे हेतू प्रारम्भीक पुंजी के रूप में ५० हजार तक कि ऋण सहायता दि जाती थी , जिसे आवश्यक को देखते हुए एक लाख तथा वर्तमान में दो लाख रुपयों तक कर दिया है । ऋण पर ६ प्रतिशत वार्षिक सेवा शुल्क लिया जाता है तथा ऋणवापसी ४ से ५ मेंकी जाती हैं ।

केंद्र से ऋण सहयोग प्राप्त करनेहेतु आवेदक को केंद्र द्वारा मुद्रित निर्धारित आवेदन पत्र में जानकार एवंकागजात के साथ आवेदन करना आवश्यक है। ऋण सहयोग के लए 2 समाज बन्धुओ की गॅरन्टी एवं स्थानिय /जिला सभा का अनुमोदन एवं प्रदेशअध्यक्ष कि अनुशंषा आवश्यक है । इसी ट्रस्ट द्वारा २० हजार तक का ऋण बिना गॅरन्टी के स्थानिय/जिला सभा के अनुमोदन एवं प्रदेशअध्यक्ष कि अनुशंषा पर ५ प्रतिशक सेवा शुल्क से प्रदान किया जात हैं । इस ऋण हेतु भी केंद्र का प्रिन्टेड आवेदन पत्र प्रयोग में लिया जाता है जो प्रदेशअध्यक्ष के पास उपलब्ध है।

३१ डिसम्बर २००६ तक देश के विभिन्न प्रदेशों के २०१६ दानदाता बन्धुओ द्वारा 337-41 लाख . का कॉरपस सहयोग प्राप्त हुआ है जिसमें श्री आदित्य बिडला समूह का रुपये 102 लख का सहयोग भी सम्मिलीत है । समाजहित में स्थापीत इस योजना का लाभ अधिक से अधिक बन्धुओ को मिले इस बात को ध्यान में रखते हुए एसके कॉरपस फ फन्ड को 31 माच 2007 के पूर्व प्रथम चरण में रुपये ५ करोड करणे का लक्ष्य रखा गया है । यह संस्था आयकर अधिनियम कि धारा ८० जी के अन्तर्गत सहुलियत प्राप्त है । इस योजना से ३१ डिसम्बर २००६ तक विभिन्न प्रादेशों के १२४४ परिवारो को ६३५ लाख रु की ऋण सहायता प्रदान की गई है ।

उदयमता सहयोग के अलावा के प्राकृतिक आपदाओं के वक्त भी केंद्र द्वारा सहायता प्रदान की जाती है तथा आपदा ग्रस्त व्यक्तियों को ऋण सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है ।

- पंजीकृत कार्यालय -

श्री आदित्य विक्रम बिडला मेमोरियल व्यापार सहयोग केंद्र
नं. ४. रमनन रोड, सावरकार पेट,
चैन्नई - ६००००७९